श्री शिव महापुराण कथा सातवां खंड अध्याय 49



ब्रह्मा जी ने कहा हे नारद अब मैं दीजिए सूअर अवतार का वृतांत कहता हूं प्रसिद्ध तक सॉरी बाद प्राप्त होने के घर एक बालक उत्पन्न हुआ उसका नाम उपाय रखा गया भाग्य वर्ष मुनि को दरिद्रता ने आ घेरा जिसके कारण वह बालक अपनी माता के घर जाकर रहने लगा एक दिन सहयोग से उसे थोड़ा सा दूध पीने के लिए मिला उसे पीकर उपमेयू किया इच्छा हुई कि हम कुछ और दूध पिए वस्तु वह है करके अपने माता से बार-बार दूध मांगने लगा उसने जिओ काटकर उसे पानी में घोल दिया और उपायों को यह कहा वह पानी पीने के लिए दिया वह दूध है उपाय ने उसे जब के पानी को पीकर अपनी माता से कहा यह तो दूध नहीं है तू मेरे पीने के लिए दूध ला दे इस प्रकारों होकर अनेक बार अपनी माता से दूध मांगा तब उसकी माता ने पिछले जन्म में शिव जी के नाम पर कुछ दान नहीं दिया इसलिए मुझे इस जन्म में ध्यान नहीं मिला है तू इतने से ही अनुमान कर ले कि हम लोग वन में रहते हैं और दोनों समय खाने के लिए भोजन भी कठिनाई से प्राप्त कर पाते हैं हे नारद माता के ऐसे वचन सुनकर उपमऊ को पूर्व जन्म के संस्कारों के कारण श्रेष्ठ बुद्धि प्राप्त हुई तब उसने अपने माता से यह कहा है माता माई शिव जी की तपस्या करके उन्हें अपने ऊपर प्रसन्न करूंगा और वरदान में खीर समुद्र को मांग लूंगा इतना कहकर वायु अपने माता से आज्ञा लेकर हिमालय पर्वत पर जा पहुंचा वहां वह पांच अक्षर मंत्र करना जब करते हुए भगवान के फलों फूलों द्वारा शिवजी की पूजा ध्यान एवं ताप करने लगा उसे समय तीनों लोग इसकी तपस्या की अग्नि से जलने लगे तब मैं देवता हूं की विनती सुनकर शिव जी के पास गया और प्रार्थना करने के उपरांत में सब वृतांत का सुनाया उसे समय शिवजी ने हंसकर यह उत्तर दिया है ब्राह्मण उपमऊ दूध के लिए ऐसा उग्रता कर रहा है अतः हम उसे वर देने के लिए अवश्य जाएंगे

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Brahma Ji said, O Narada, now I will tell you the story of the boar incarnation. After getting the famous sage, a child was born in his house. He was named Upaay. Bhagyavarsha Muni was surrounded by poverty due to which the child went to his mother's house and started living. One day, with the help of Narada, he got some milk to drink. After drinking it, Upaayu felt like drinking some more milk. Saying that the thing is that it is milk, he started asking for milk from his mother again and again. He cut the milk and dissolved it in water and gave it to Upaayu to drink. That water is milk. After drinking that water, Upaayu said to his mother, this is not milk. You bring me milk for me to drink. In this way, he asked for milk from his mother many times. Then his mother said, "In the previous birth, I did not give any donation in the name of Lord Shiva. Therefore, I have not got meditation in this birth. You can guess from this that we live in the forest and are able to get food for both the meals with difficulty. O Narada, on hearing such words of the mother, Upaayu got superior intelligence due to the sanskaars of the previous birth. Then he said this to his mother, "Mother Mother, I will do penance of Lord Shiva and please him and ask for the ocean of kheer as a boon. Saying this, Vayu took permission from his mother and reached the Himalayan mountains. There, while chanting the five letter mantra, he started worshipping Lord Shiva with fruits and flowers and meditating and praying. At that time, all the three people started burning with the fire of his penance. Then, hearing the request of I am a god, he went to Lord Shiva and after praying, he narrated the whole incident to him. At that time, Lord Shiva smilingly replied that the Brahmin Upmau is being so aggressive for milk, hence we will definitely go to grant him a boon.

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